Sri Shiva Mahimna Stotram

WHY YOU NEED THIS POOJA

Sri Shiva Mahimna Stotram is considered one of the best among all Stotras offered to Lord Shiva therefore it is very popular among the devotees of Lord Shiva.

Any Devotee who recites this hymn with full devotion is considered to be blessed by Lord Shiva with fame, wealth, long life and children. He or She will attain Shiva’s abode, after death.

Sri Shiv Mahimna Stotra has 43 verses in Sanskrit.

Read More
Advantages of this Pooja:
    • Devotee is considered to be blessed by Lord Shiva with fame, wealth, long life and children.
    • He or She will attain Shiva’s abode, after death.
Your Pooja is Simplified

    Your Pooja is Simplified at “AstroPandit Om”

    • Pooja Cost: Ghar pe Pooja  (At your place-home or office): Rs 3101/-. Price is inclusive of Pooja samagri. You need to arrange eatables, utensils, hawan kund, flowers / garland etc. For details what you need to arrange, check Pooja Samagri Column below. 
    • Online Pooja cost: Rs 2501/-
    • No of Pandits: 1, Time: 4 Hrs, 11 Path of Sri Shiva Mahimna Stotram.
Price : Rs 3501/-
Special Price : Rs 3101/-
Location :India
Category : Ghar Pe Pooja/-

निश्चित समय पर पंडित जी निर्धारित संख्या में आपकी सुविधा अनुसार पूजा करेेंगे और उसके उपरांत विधि विधान से हवन करेंगे।

    If you want some special pooja or pooja with more Pandits to be done, please write to us in detail through CONTACT US option or ON REQUEST-SPECIAL POOJA category under BOOK POOJA option.

श्री शिव महिम्न स्तोत्रम्  भगवान शिव को अर्पित किए जाने वाले सभी स्तोत्रों में से एक सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, इसलिए यह भगवान शिव के भक्तों के बीच बहुत लोकप्रिय है। कोई भी भक्त जो शिव महिम्न स्तोत्रम्  को पूरी भक्ति के साथ करता है, उसे भगवान शिव द्वारा प्रसिद्धि, धन, लंबे जीवन और बच्चों का आशीर्वाद मिलता है। 

शिव महिम्न स्तोत्रम् के पीछे निम्नलिखित एक अनूठी और सुंदर कथा प्रचलित है।

एक समय में चित्ररथ नाम का राजा था। वो परम शिव भक्त था। उसने एक अद्भुत सुंदर बाग का निर्माण करवाया। जिसमें विभिन्न प्रकार के पुष्प लगे थे। प्रत्येक दिन राजा उन पुष्पों से शिव जी की पूजा करते थे।

फिर एक दिन, पुष्पदंत नामक गन्धर्व उस राजा के उद्यान की तरफ से जा रहे थे। उद्यान की सुंदरता ने उसे आकृष्ट कर लिया। मोहित पुष्पदंत ने बाग के पुष्पों को चुरा लिया। अगले दिन चित्ररथ को पूजा हेतु पुष्प प्राप्त नहीं हुए। बाग के सौंदर्य से मुग्ध पुष्पदंत प्रत्येक दिन पुष्प की चोरी करने लगा। इस रहस्य को सुलझाने के राजा के प्रत्येक प्रयास विफल रहे। पुष्पदंत अपनी दिव्य शक्तियों के कारण अदृश्य बना रहे। राजा चित्ररथ ने चोरी रोकने का एक अनोखा समाधान निकाला। उन्होंने शिव को अर्पित पुष्प एवं विल्व पत्र बाग में बिछा दिया। राजा के उपाय से अनजान पुष्पदंत ने उन पुष्पों को अपने पैरो से कुचल दिया। इससे पुष्पदंत की दिव्य शक्तिओं का क्षय हो गया।

पुष्पदंत स्वयं भी शिव भक्त था। अपनी गलती का बोध होने पर उसने श्री शिव महिम्न स्तोत्रम्  की रचना की जिससे प्रसन्न हो महादेव ने उसकी भूल को क्षमा कर पुष्पदंत के दिव्य स्वरूप को पुनः प्रदान किया।

By Panditji

Hawan Samagri & Samidha, Agarbatti-Dhoop, Roli-Moli, Pan ke patte-Supari, Bel patte, aam-patte, Kapoor, Batti-etc.

To be arranged by you (Devotte)

Eatables like Milk, curd, Cow-Ghee, Honey, Sugar, Haldi, Rice, Fruits, Nariyal, Sweet, Flowers, Mala, Kalash, Hawan Kund etc.

Related Puja

Not A Member? Connect With Us...