Pitra Dosh Shanti Pooja Rs 6501/- with Puja Samagri

WHY YOU NEED THIS POOJA

Pitra Dosh in the horoscope of someone may give many adverse situations in the family and cause major difficulties. Some of them are as mentioned hereunder;

  •  -Unfavorable environment in the family.
  •  -Regular financial issue and heavy debt in your family.
  •  -Delay in marriage and problems in finding a right life partner.
  •  -Complication while having a baby or continuous miscarriages.
  •  -Bad luck and constantly failing in your career and educational life.
  •  -Accidents or unwanted incidents in the family.
  •  -Inherited diseases and prolong illness.
  •  -Pitra Dosh is the set of bad luck resulting in people’s lives because of the curse given by the departed forefathers.

 

Major probable reasons of Pitra Dosh may be defined as under;

  •  -It may occur due to undesired placement of planets in the horoscope of a person.
  •  -May occur due to “Evil deeds, sins, or crimes committed by one's ancestors knowingly or by mistake, Sordid curses of the innocent victims received by one's ancestors or Sinful, unsatisfied, and restless souls of the ancestors”.
  •  -In Hindu Vedic astrology sun is karaka for father. If the sun is placed in 9th or 9th house afflicted by natural malefic or lagna malefic. Rahu conjunction with or 9th lord will be considered Pitra Dosha sometimes as advised by Astrologers.
  •  -Pitra Dosh also may occur if our ancestors' souls or the souls of the departed family members did not attain moksha. Due to this, the souls wander aimlessly in search of nirvana. This also happens if their death is caused untimely due to accidents or use of the weapons.
  •  -If we neglect forefathers and don’t provide them proper care in the form of Shraadh. People after death enter the world of Pitra Loka. Those residing in the PitraLoka feel extreme anguish of hunger and thirst. They cannot, however, eat anything on their own and can only accept the offerings given to them during Shraadh rituals by their loved ones. It is, therefore, necessary for the children to appease them through Shraadh ceremonies. Defaults in this can invite the anger of the forefathers and result in Pitra Dosh.
  •  -May be if his/her ancestors have committed some mistakes, crimes or sins. So in return, this person pays the Karmic debt by going through various punishments decided for those debts in different spheres of his life by Pitra Dosh Nivaran pooja.

To reduce the agony and negative effects of Pitra Dosh, Pitra Dosh Shanti Pooja is very helpful.

Read More
Advantages of this Pooja:
    • Mitigates the harmful effects of Pitra Dosh as mentioned above.
    • Gives relief from negative effects of the Pitra Dosh.
    • Provides positivity in individuals life and the family.
    • Gives relief from the sudden sufferings and worries in one’s life.
    • Marriage and childbirth related problems.
Your Pooja is Simplified

    Cost of Puja (No hidden charges)

    • Rs 6501/-Price is inclusive of Pooja Samagri. For what you need to arrange, please check the Pooja Samagri Column
    • No of Pandits: 2 Time: 5 Hr Approximately. No of Jaaps: 21000
Price : Rs 7501/-
Special Price : Rs 6501/-
Location :At Your Home/ office or place of your choice.
Category : Ghar Pe Pooja/-

निश्चित समय पर पंडित जी आपकी सुविधा अनुसार पूजा करेंगे और उसके उपरांत विधि विधान से हवन करेंगे।

    If you want some special pooja or pooja with more Pandits to be done, please write to us in detail through CONTACT US option or ON REQUEST-SPECIAL POOJA category under BOOK POOJA option.

वैदिक मंत्रों द्वारा पितृ दोष शांति पूजा, पितृ दोष के निवारण हेतु सबसे उत्तम विधान है। पितृ  दोष की शांति के लिए इससे संबंधित ग्रहों को उनके मंत्रों द्वारा शांत किया जाता है। पितृ दोष की शांति के लिए आप निम्नलिखित उपाय करके भी देख सकते हैं।

  1.  -पीपल के पेड पर जल, पुष्प, दूध, गंगाजल, काला तिल चढ़ाकर अपने स्वर्गीय परिजनों को याद कर उनसे माफी और आशीर्वाद मांगना चाहिए।
  2.  -पितृ पक्ष में ब्राह्मणों को भोजन और दान कराएं।
  3.  -गीता का पाठ करना चाहिए।
  4.  -रविवार के दिन गाय को गुड़ या गेंहू खिलाना चाहिए।
  5.  -अमावस्या को एक ब्राह्मण को भोजन कराने व दक्षिणा वस्त्र भेंट करने से पितृ दोष कम होता है।
  6.  -अमावस्या को कंडे की धूनी लगाकर उसमें खीर का भोग लगाकर दक्षिण दिशा में पितरों का आव्हान करने व उनसे अपने कर्मों के लिये क्षमायाचना करने से भी लाभ मिलता है।
  7.  -सूर्योदय के समय सूर्य को निहारने, उससे शक्ति देने की प्रार्थना करने और गायत्री मंत्र का जाप करने से भी सूर्य मजबूत होता है।

ज्‍योतिषशास्‍त्र में पितृ दोष को सबसे बड़ा और खतरनाक दोष माना गया है। पितृदोष होने पर व्‍यक्ति के जीवन में जबर्दस्‍त परेशानियां आनी शुरू हो सकती हैं। जीवन में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। जिसकी कुंडली में यह दोष होता उसको कई तरह के मानसिक तनाव झेलने पड़ सकते हैं और कामों में सफलता नहीं मिलती है। पितृदोष के कारण व्‍यक्ति की तरक्‍की में भी बाधा आ सकती है और दांपत्‍य जीवन में तनाव आना शुरू हो सकता है।

यदि कुंडली का नौंवां घर खराब ग्रहों से ग्रसित हो तो यह पूर्वजों की अधूरी इच्‍छाओं का सूचक है। इसे पितृदोष कहा जाता है। अगरआपसे किसी सत्‍पुरूष, बाह्मण या कुलगुरु का अनादर हुआ है तो आप पितृ दोष से पीडित हो सकते हैं। गोहत्‍या और पितरों को जल अर्पित न करना भी इस दोष का मुख्‍य कारण है। नवम घर पर जब सूर्य और राहू की युति हो रही हो तो यह माना जाता है कि पितृ दोष योग बन रहा है ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार सूर्य तथा राहू जिस भी भाव में बैठते है, उस भाव के सभी फल नष्ट हो जाते है । पितृदोष सब दु:खों को एक साथ देने की क्षमता रखता है ।

पितृदोष से पीडित लोगों को पैसों की कमी रहती है। परिवार में लड़ाई-झगड़ा और क्‍लेश का माहौल रहता है। विवाह में देरी, संतान प्राप्‍ति में बाधा और पैसों में बरकत न होने जैसी समस्‍याएं भी झेलनी पड़ सकती हैं।

पितृ दोष के ये कारण भी हो सकते है। जैसे परिवार में अकाल मृ्त्यु हुई हों। पितरों का विधी विधान से श्राद्ध न किया गया हो, या धर्म कार्यो में पितरों को याद न किया हो हो, परिवार में धार्मिक क्रियाएं पूजा आदि सम्पन्न न होती हों, धर्म के विपरीत परिवार में आचरण हो रहा हो, परिवार के किसी सदस्य के द्वारा गौ हत्या, या फिर भ्रूण हत्या होने पर भी पितृ दोष व्यक्ति कि कुण्डली में प्रकट हो सकता है ।

पितृ दोष का वैदिक मंत्रों द्वारा शांति पूजा कराके, दोष निवारण यथाशीघ्र करना चाहिए।

By Panditji

Pitra Dosh pooja ki Samagri including Hawan Samagri & Samidha, Gangajal, Roli-Moli, aam-patte, paan-patte-supari-Kapoor, Janeu, Agarbatti-Dhoop, batti etc.

To be arranged by you (Devotee)

Ghee, Honey, Sweets, Fruits, Flower, Mala, Nariyal, Hawan Kund.

Related Puja

Not A Member? Connect With Us...