Garud Puran Path

Why You Need Garud Puran Path

When there is a death in someone's family, the members of that family are badly broken. Hearing the path of Garuda Purana gives them the strength to bear suffering. Garuda Purana always inspires a person that no matter what happens, one should always do good deeds in the life.

There is much to be learned and read in the Garuda Purana about life, death and the results of your actions. For this reason, to get this knowledge, after the death of a member of the family, at that time we can know all the truths related to birth and death, so Garuda Purana is recited at this time.

If a living person recites this holy Purana in his life, then knowledge about education, fame, beauty, Lakshmi, victory and health etc. is attained. One who recites or listens to it regularly, he or she knows everything about the life, karma & their results and at the end he attains heaven.

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Advantages of this Pooja:
    • When there is a death in someone's family, the members of that family are badly broken. Garuda Purana path gives them the strength to bear suffering.
    • It is believed that the soul of deceased stays with loved ones for 13 days after death. During this period, the soul of deceased also listen the path of Garuda Purana at the home and gets the knowledge of the things he or she will have to face in the journey ahead.
    • When Garuda Purana is recited in the house after death, relatives also get the knowledge of the things they will have to face in the journey after death, in which world they will go, he knows all this by listening to the Garuda Purana.
    • Garuda Purana inspires us to do good deeds.
Your Pooja is Simplified

    Your Pooja is Simplified at “AstroPandit Om”

    • 5 Days, 2Hrs daily approx by 1 Panditji, 17000 Jaaps and path
    • Pooja Cost: Ghar pe Pooja  (At your place-home or office): Rs 6501/--. Price is inclusive of Pooja samagri. You need to arrange eatables, utensils, hawan kund, flowers / garland etc. For details what you need to arrange, check Pooja Samagri Column below.
    • Online Pooja cost: Rs 4101/-
Price : Rs 7501/-
Special Price : Rs 6501/-
Location :India
Category : Ghar Pe Pooja/-

निश्चित समय पर पंडित जी निर्धारित संख्या में आपकी सुविधा अनुसार गरुड़ पुराण पाठ करेेंगे और 17000 जाप करेेंगे. उसके उपरांत विधि विधान से हवन करेंगे।

    If you want some special pooja or pooja with more Pandits to be done, please write to us in detail through CONTACT US option or ON REQUEST-SPECIAL POOJA category under BOOK POOJA option.

गरूड़ हिन्दू धर्म के साथ ही बौद्ध धर्म में भी महत्वपूर्ण पक्षी माना गया है। एक बार गरुड़ ने भगवान विष्णु से, प्राणियों की मृत्यु, यमलोक यात्रा, नरक-योनियों तथा सद्गति के बारे में अनेक गूढ़ और रहस्ययुक्त प्रश्न पूछे। उन्हीं प्रश्नों का भगवान विष्णु ने सविस्तार उत्तर दिया। इन प्रश्न और उत्तर की माला से ही गरुढ़ पुराण निर्मित हुआ। गरुड़ पुराण में व्यक्ति के कर्मों के आधार पर दंड स्वरुप मिलने वाले विभिन्न नरकों के बारे में बताया गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार कौनसी चीजें व्यक्ति को सद्गति की ओर ले जाती हैं इस बात का उत्तर भगवान विष्णु ने दिया है। गरुड़ पुराण में हमारें जीवन को लेकर कई गूढ बातें बताई गई है। जिनके बारें में व्यक्ति को जरूर जनना चाहिए। आत्मज्ञान का विवेचन ही गरुड़ पुराण का मुख्य विषय है।

गरूड़ के बारे में सभी जानते होंगे। यह भगवान विष्णु का वाहन हैं। बौद्ध ग्रंथों के अनुसार गरूड़ को सुपर्ण (अच्छे पंख वाला) कहा गया है। जातक कथाओं में भी गरूड़ के बारे में कई कहानियां हैं।

इसमें भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, सदाचार, निष्काम कर्म की महिमा के साथ यज्ञ, दान, तप तीर्थ आदि शुभ कर्मों में सर्व साधारणको प्रवृत्त करने के लिए अनेक लौकिक और पारलौकिक फलों का वर्णन किया गया है। इसके अतिरिक्त इसमें आयुर्वेद, नीतिसार आदि विषयों के वर्णनके साथ मृत जीव के अन्तिम समय में किए जाने वाले कृत्यों का विस्तार से निरूपण किया गया है।

गरुण पुराण में, मृत्यु के पहले और बाद की स्थिति के बारे में बताया गया है। हिन्दू धर्मानुसार जब किसी के घर में किसी की मौत हो जाती है तो गरूड़ पुराण का पाठ रखा जाता है। शास्त्रों के अनुसार कोई आत्मा तत्काल ही दूसरा जन्म धारण कर लेती है। किसी को 3 दिन लगते हैं, किसी को 10 से 13 दिन लगते हैं और किसी को सवा माह लगते हैं। लेकिन जिसकी स्मृति पक्की, मोह गहरा या अकाल मृत्यु मरा है तो उसे दूसरा जन्म लेने के लिए कम से कम एक वर्ष लगता है।

ऐसा माना जाता है कि मृतक 13 दिनों तक  अपनों के बीच ही रहता है। इस दौरान गरुढ़ पुराण का पाठ रखने से यह स्वर्ग-नरक, गति, सद्गति, अधोगति, दुर्गति आदि तरह की गतियों के बारे में जान लेता है। आगे की यात्रा में उसे किन-किन बातों का सामना करना पड़ेगा, कौन से लोक में उसका गमन हो सकता है यह सभी वह गरुड़ पुराण सुनकर जान लेता है। जब मृत्यु के उपरांत घर में गरुड़ पुराण का पाठ होता है तो इस बहाने मृतक के परिजन यह जान लेते हैं कि बुराई क्या है और सद्गति किस तरह के कर्मों से मिलती है ताकि मृतक और उसके परिजन दोनों ही यह भलिभांति जान लें कि उच्च लोक की यात्रा करने के लिए कौन से कर्म करना चाहिए।गरुड़ पुराण हमें सत्कर्मों के लिए प्रेरित करता है। सत्कर्म से ही सद्गति और मुक्ति मिलती है।

Pooja Saamgri by Panditji

Hawan Samagri & Samidha, Gangajal, Roli-Moli, aam-patte, paan-patte-supari-Kapoor, Janeu, Agarbatti-Dhoop, batti etc.

To be arranged by you (Devotee)

Eatables like Milk, curd, Cow Ghee, Honey, Sugar, Haldi, Rice, Fruits, Panchmewa, Sweets, Flower, Mala, Nariyal, Kalash, Hawan Kund etc.

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